गंगा हरीति‍मा अभियान के अंतर्गत गंगा की ‘’अविरल एवं नर्मल धारा’’ हेतु कृषकों का प्रशिक्षण


गंगा हरीतिमा अभियान के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु गंगा के किनारे स्थित ग्रामों में प्रगतिशील एवं जागरुक कृषकों को वानिकी प्रशिक्षण संस्थान कानपुर में प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित है। प्रत्येक ग्राम पंचायत के प्रधान तथा पॉच ग्राम पंचायतों के क्षेत्र से एक प्रगति शील कृषक को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशि‍क्षण कार्यक्रम में गंगा नदी से जुडी संस्था्ओं, व्यक्तियों एवं साधु-संतो के द्वारा किये जा रहे अभिनव प्रयोगों की जानकारी भी दी जायेगी। गंगा नदी की परिस्थितिकी की एक जैवविविधता संरक्षण विषय पर यू0पी स्टेट गंगा रिवर कन्जंर्वेशन अथारिटी तथा गंगा के प्रदूषण एवं निराकरण हेतु उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड के विषय विशेषज्ञ आ‍मंत्रित किये जायेंगे। कृषकों की आय बढाने हेतु प्रकाष्ठ, फलदार तथा औषधीय पौध के कृषि वानिकी के रूप में लगाने हेतु सेंट्रल हार्टीकल्चर रिसर्च इंस्टीयटयूट, केन्द्रीय कृषि वानिकी संस्थान, झांसी, एन0बी0आर0आई0 तथा सी0मैप के विषय-विशेषज्ञ सम्मिलित होंगे। जल ग्रहण क्षेत्र में जल एवं मृदा संरक्षण, नालों का उपचार, पर्यावरण हितैषी एवं कृषकों की आय वृद्धि हेतु जैविक खेती, ग्राम्यं विकास की अन्य योजनाओं की जानकारी हेतु रानी लक्ष्मीबाई कृषि विश्वविद्यालय, झांसी, उ0प्र0, कृषि प्रबन्ध संस्थान, रहमान खेडा, लखनऊ तथा ग्राम्य विकास विभाग के विषय विशेषज्ञ आमंत्रित है।

स्वच्छता, साफ-सफाई, द्रव एवं ठोस अपशिष्ठ का डिस्पोजल तथा गंगा के किनारे घाटों के प्रबन्धन के लिये आई0आई0टी0 कानपुर, पंचायत राज विभाग एवं नगर विकास विभाग व बायो कोल, बायो पैलेट्स एवं बायो ऊर्जा से संबंधित प्रशिक्षण हेतु जैविक ऊर्जा बोर्ड, लखनऊ से विषय विशेषज्ञ आमंत्रित किये गये हैं।

डाइवर्सीफाइड एग्रीकल्चर सपोर्ट प्रोजेक्टे(डास्प) तथा नाबार्ड द्वारा संचालित एफ0पी0ओ0 कार्यक्रम के लिये डिस्प तथा नाबार्ड के विशेषज्ञ ही रहेंगे।
प्रशिक्षण में कौशल विकास मिशन, नवीकरण ऊर्जा, कार्बन, क्रेडिट, सी0डी0एम0, संबं‍धी विषयों पर प्रशिक्षण संबंधित विभागों द्वारा दिया जायेगा।

इस प्रशिक्षण में गंगा की ‘’अविरल एवं निर्मल धारा की’’ की परिकल्पकना को मूर्त रुप देने में सहायता मिलेगी |