भारत की सबसे महत्त्वपूर्ण नदी गंगा, जो भारत में 2,525 कि.मी. की दूरी तय करती हुई उत्तराखंड में हिमालय से लेकर बंगाल की खाड़ी के सुंदरवन तक विशाल भूभाग को सींचती है तथा देश की प्राकृतिक संपदा ही नहीं, जन-जन की भावनात्मक आस्था का आधार भी है। अपनी लंबी यात्रा में गंगा अपनी सहायक नदियों के साथ लगभग दस लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के जल संग्रहण क्षेत्र के साथ अतिविशाल एवं उपजाऊ गंगा के मैदान क्षेत्र की रचना करती है। सामाजिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण गंगा का यह मैदान अपनी घनी जनसंख्या के कारण भी जाना जाता है। लगभग 100 फीट (31मी0) की अधिकतम गहराई वाली यह नदी भारत में पवित्र मानी जाती है तथा इसकी उपासना माँ और देवी के रूप में की जाती है। भारतीय पुराण और साहित्य में अपने सौंदर्य और महत्व के कारण बार-बार आदर के साथ वंदित गंगा नदी के प्रति विदेशी साहित्य में भी प्रशंसा और भावुकतापूर्ण वर्णन किया गया है।

इस नदी में मछलियों तथा सरीसृपों की अनेक प्रजातियाँ तो पाई ही जाती हैं मीठे पानी में रहने वाली दुर्लभ डाल्फिन भी पायी जाती हैं। यह कृषि, पर्यटन, साहसिक खेलों तथा उद्योगों के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान देती है तथा अपने तट पर बसे शहरों की जलापूर्ति भी करती है। इसके तट पर विकसित धार्मिक स्थल और तीर्थ भारतीय सामाजिक व्यवस्था के विशेष अंग हैं। इसके ऊपर बने पुल, बाँध और नदी परियोजनाएँ भारत की बिजली, पानी और कृषि से संबंधित जरूरतों को पूरा करती हैं। वैज्ञानिक मानते हैं कि इस नदी के जल में बैक्टीरियोफेज नामक विषाणु होते हैं, जो जीवाणुओं व अन्य हानिकारक सूक्ष्म जीवों को जीवित नहीं रहने देते हैं। गंगा की इस असीमित शुद्धीकरण क्षमता और सामाजिक श्रध्दा के बावजूद इसकी अविरलता एवं निर्मलता में कमी आयी है। गंगा नदी की निर्मलता एवं अविरलता बनाये रखने हेतु प्रयत्न जारी हैं। गंगा नदी के संरक्षण की अनेक परियोजनाओं के क्रम में नवंबर, 2008 में भारत सरकार द्वारा गंगा को भारत की राष्ट्रीय नदी तथा इलाहाबाद और हल्दिया के बीच (1,620 किलोमीटर) गंगा नदी जलमार्ग को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया है।

उत्तर प्रदेश राज्य में गंगा नदी बिजनौर जनपद में प्रवेश करती है तथा कुल 1,140 किमी0 लम्बाई में 27 जिलों से बहते हुए बलिया जनपद से बिहार राज्य में प्रवेश करती है। इन जिलों में गंगा नदी के तट पर 1005 ग्राम स्थित हैं। इसमें कैचमेन्ट क्षेत्र के अन्य ग्राम भी सम्मिलित किये जा सकते हैं।